Lucknow Case:उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद (Malihabad) में जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के तीन लोगों की बड़ी बेहरमी से जान ले ली गई। यह घटना शुक्रवार के दिन हुई।जिसने भी इस सीसीटीवी (Malihabad cctc ) को देखा वो हैरान हो गया। क्योकि वारदात को अंजाम देने वाली की उम्र 70 साल थी। सिराज उर्फ लल्लन खान (Siraj Lallan Khan)। जो अपनी जवानी के दिनों में हिस्ट्रीशाटर था। ये बुजुर्ग अपराधी (Historysheeter lallan khan arrest) लल्लन खान और उसके बेटे को पुलिस ने पकड़ लिया है

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29 Comments

  1. गुजरा जमाना कभी लोट कर नही आता है मगर गुज़रे जमाने का अपराधी फिर अपने रूप में कब लोट आए उस के लिए उम्र की सीमा भी मायने नही रखता है तब ऐसे में उस अपराधी की उम्र को देख कर नही अपराध की गंम्भीरता को देख कर ही सजा देनी चाहिए वैसे भारत की न्याय व्यवस्था को देखते हुए लगता है इस अपराधी को जब तक न्यायिक व्यवस्था के अनुसार सजा दी जाएगी तब तक यह अपनी कुदरती मौत ही मरेगा उदाहरण है कश्मीर का सबसे बड़ा अपराधी सूवर गिलानी जिसे एक बार नही अनेकों बार फांसी पर भी लटकाने का प्रावधान होता तो वह भी इस जन्म में पूरा नही हो सकता था मगर अफसोस हरामखोर सूवर कुदरती मौत मरा ऐसा संविधान तो आज के आधुनिक युग में किसी कम शिक्षित देश में भी लागू नही होगा जैसे भारत में है इस देश में हथियार चलाने वाले को सजा तो दी जा सकती है मगर हथियार उठाने पर मजबूर करने वाले के लिए कोई सजा नही है इसी तरह दंगाइयों को सजा दी जा सकती है मगर दंगाइयों को भड़काने वाले मौज करते हैं देश बदल रहा है तो फिर संविधान भी बदलना चाहिए जय श्री राम 🙏

  2. गबर khan पर 20 FIR दर्ज है उसके बाद भी गबर खान हथियार के साथ घूमता था ये पुलिस को पता था की ये गुंडा है फिर भी पोलिस चुप बैठी की कोई बड़ा कांड करे उसके बाद मैं अरेस्ट करूंगा तो मेरा मीडिया में नाम आएगा और प्रमोशन होगा । ये मर्डर चाहती तो पोलिस टाल सकती थी। मर्डर सिर्फ पुलिस का failure ke वजह से हुआ । पूरे भारत में ऐसे ही हो रहा है

  3. आतंकवादी का मज़हब नहीं होता साहब 🤣🤣जब पेला जाता हैँ तो आतंकवादी का मजहब 🤣दिख जाता हैँ क्यू 😂

  4. बूढ़े आदमी ने बहुत उत्पीड़न के बाद हथियार उठाए होंगे … उसका अतीत बीत चुका था लेकिन 15 साल से वह अच्छा कर रहा था और उसके खिलाफ कोई अपराध दर्ज नहीं था। फरीद का लोगों को धोखा देने का इतिहास रहा है, वह जमीनों को हड़पता है और उन्हें बेचता है … वहाँ कार्रवाई का एक कारण है .. आपको यह नहीं देखना चाहिए कि मीडिया आपको एक तरफा क्या दिखाता है .. अगर इस बूढ़े आदमी ने बचाव नहीं किया होता तो वह खुद अपने बेटे के साथ मारा जाता ..

  5. दाढ़ी वाले इंसानियत के दुश्मन होते है ये समाज में भेदभाव फैलाते हैं

  6. फरीद ने अपनी बहन नज्मी की मदद से अपने ही जीजा को मार डाला.. फरीद परिवार ने अपनी पत्नी फरहीन परिवार के साथ मिलकर पूरी हत्या को कवर किया और कोई पोस्टमार्टम नहीं किया गया। यह आदमी घोटालेबाज है, फरीद ने मिस्त्र फार्मा कंपनी बनाई और लोगों से कहा कि वे अपना पैसा दोगुना करके निवेश करें.. बाद में कंपनी बंद हो गई और उसने निवेशकों से सारा पैसा ले लिया.. खिलाफ एक मामला लंबित है. वह बूढ़े आदमी की जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा था और उसका बूढ़े आदमी के साथ झगड़ा हुआ .. बाद में फरीद ने उस पर गोली चला दी और मौके से भाग गया.. कोई भी बिना उकसाए हथियार नहीं उठाता है, यह आत्मरक्षा का सरल कार्य है ..

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